चर्म (त्वचा) रोग के उपाय | Tips to handle Skin Problems

भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में हम अक्सर कई चीज़ों को इग्नोर कर देते हैं। अन्हेल्थी लाइफस्टाइल, प्रदुषण और जलाभुना मसालेदार खाना जैसी लापरवाहियां हमारे शरीर और स्किन को काफी नुक्सान पहुँचाती हैं। लोग अक्सर स्किन रिलेटेड प्रोब्लेम्स से परेशान रहते हैं। पुरुष हो या महिला सबको ही अपनी स्किन का ख़ासा ध्यान रखना चाहिए, फिर जरिया चाहिए घरेलु नुस्खे हो या आयुर्वेदा। प्राचीन समय से चलता आ रहा आयुर्वेदा आज भी लोगों की पहली पसंद हैं। डॉक्टर्स भी अपना भरोसा आयुर्वेदा पर बनाये हुए हैं। हालांकि आयुर्वेदा धीरे-धीरे काम करता है लेकिन ये हर बिमारी की चपेट से आपको बहार निकालता है और बिमारी को जड़ से ख़तम कर देता है।

Skin Problem

अगर बात की जाए स्किन रिलेटेड प्रॉब्लम की तो स्किन प्रॉब्लम कई तरह की होती है। जैसे- त्वचाशोध, घमोरी, दाद, खाज, सफ़ेद दाग, कुष्ट रोग, मुहासे, फोड़े, रुसी, गंजापन, छाजन, छाल रोग और त्वचा का रंग बदलना
स्किन प्रॉब्लम से निजात पाने के लिए बिमारी को पहचानना बहुत ज़रूरी है। दाद-खाज होने पर स्किन एकदम सुख जाती हैऔर उस जगह पर खुजाने पर छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं। किसी भी तरह की स्किन प्रॉब्लम में जलन, खुजली और दर्द होना आम सी बात है। शरीर में गर्मी इखट्टा होने पर चमड़ी पर सफ़ेद और भूरे दाग आ जाते हैं या फिर फोड़े और फुन्सी हो जाती है। जिसका टाइम रहते हुए इलाज कर करवाना बेहद ज़रूरी है। वरना आगे और भी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
स्किन प्रॉब्लम से परेशां लोग अक्सर महंगे इलाज करवाते है जो की व्यर्थ साबित होता है और बिमारी उन दवाइयों से कहीं हद तक काम भी हो जाए तो बाद में हमे फिर से उस बिमारी को झेलना पड़ता है।
क्या आपको पता है ये बीमारियां कैसे होती हैं ? नहीं, चलिए हम बताते हैं :
1. त्वचाशोध – इस बीमारी में स्किन पर लाली, शोध और खुजलाहट होती है। ये बिमारी मौसम के बदलाव के कारण भी होता है साथ ही यह ज़्यादातर गर्म, आर्द्र और उधोगिक क्षेत्रों और हर उम्र के लोगों को होता है।
2. घमोरी- अक्सर पसीना आने के कारण बॉडी पर छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं जिसमे खुजली होती है।
3. दाद – दाद का कवक बंद कमरों, बिस्तर या पुल में मौजूद होता है। इसके अलावा ये तौलियों, अंडरगार्मेंट्स हेयर ब्रश और कपड़ों में भी पाया जाता है।
4. खाज – ये एक तरह की त्वचा सम्बन्धी संक्रामक बिमारी है जो बहुत आसानी से संक्रमित व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति में फेल जाती है।
5. सफ़ेद दाग- ये रोग पोषक तत्वों की कमी, फंगल संक्रमण से होता है।
6. कुष्ट रोग- कुष्ट रोग से ग्रस्त लोगों के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना, भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में जाना, लम्बे समय तक बिस्तर पर एक ही चादर का इस्तेमाल करना खुले पानी में नहाना।

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